निर्भया को इंसाफ मिला है पर 7 साल इंतजार करने के बाद, क्या यह न्याय है?




आज 7 साल बाद निर्भया को इंसाफ मिला है जब देश में कोरोना का खौफ है और लोग बहुत डरे हुए तब एक खुशी की खबर आई है कि आज देश की एक बेटी निर्भया उसके दोषीको को आज फांसी दी गई है!


कृपया गैंग रेप और मर्डर केस के पांच गुनेगार थे। अक्षय पवन,विनय,मुकेश और रामसिंह उसमें से रामसिंह ने पहले ही खुदकुशी कर ली और आज बाकी चारों को फांसी दे दी गई है। फांसी दिल्ली के तिहाड़ जेल में सुबह ठीक 5:30 बजे फांसी दे दी गई है।


7 साल बाद निर्भया और उसके पूरे परिवार को इंसाफ मिला है। गैंग रेप और मर्डर केस के चारों गुनेगार अक्षय कुमार, पवन गुप्ता, विनय शर्मा, और मुकेश कुमार को दिल्ली में फांसी ठीक 5:30 बजे दे दी गई फांसी देने के कई साल इन लोगों ने जेल में बिताए इतने साल में जेल में रहने के दौरान उन्होंने काम करके 1,37000 कमाए हैं।


जेल प्रशासन ने बताया कि निर्भया के दोषियों ने जेल में काम करके 137000 कमाए थे उनमें से दोषी मुकेश ने कोई काम नहीं किया था। जबकि दोषी अक्षय कुमार ने 59000 कमाए और पवन गुप्ता ने 29000 कमाए और विनय ने 39000 कमाए थे यह सारे पैसों को उन लोगों के परिवार को दे दिया जाएगा और उनके कपड़े और बाकी सामान भी परिवार को सौंपा जाएगा।


फांसी से पहले दिल्ली के तिहाड़ जेल के बाहर दे देखी गई भीड़ :


आज दोषियों को फांसी दिए जाने से पहले दिल्ली के तिहाड़ जेल के बाहर भीड़ जुटी हुई देखी जा सकती है। दिल्ली के स्थानीय लोग और कुछ  एक्टिविस्ट भी फांसी से पहले जेल के बाहर खड़े रहे और 20 मार्च  आज निर्भया को सच्ची श्रद्धांजलि मिली और लोगों में बहुत खुशी देखी गई और जुटी हुई भीड़ में से कई लोगों ने दोषियों को फांसी लग जाने पर जश्न मनाया और मिठाई भी बांटी।


  • फांसी से पहले सुबह 4:00 बजे चारों दोषियों को उठाया गया और उन्हें नहाने के बाद नए कपड़े पहनने के लिए कहा गया।
  • विनय ने तो कपड़े बदलने से मना कर दिया और रोते हुए माफी भी मांगी।
  • उसके बाद दोषियों को जेल प्रशासन की ओर से चाय नाश्ता भी दिया गया।
  • आखिर में जेल प्रशासन ने दोषियों को आखिरी इच्छा भी पूछी।


फांसी देने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने क्या  कहा?

आशा देवी निर्भया की मां है और उन्होंने कहा कि आज निर्भया के दोषियों को ठीक 7 साल बाद फांसी दी गई है और वह खुश भी है कि उनकी बेटी निर्भया को इंसाफ मिला है उन्होंने तो निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकने देखने की भी इच्छा जाहिर की थी। पर आज जल्लाद ने यह चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटका दिया और निर्भया की मां का कहना है कि आज के दिन को निर्भया दिवस के रूप में मनाया जाएगा।


निर्भया की वकील ने क्या कहा?


निर्भया कि वकील ने कहा कि आज हमें इंसाफ मिल गया है जिस तरह से पांचों दोषियों ने निर्भया के साथ बर्बरता की थी उनको फांसी मिलनी बेहद जरूरी थी और निर्भया की वकील ने यह भी कहा कि देश के सिस्टम में बदलाव होने की जरूरत है। क्योंकि न्याय के लिए अगर 7 साल लंबा इंतजार करना पड़ेगा तो दुख तो होता है।


क्या पूरा मामला निर्भया का?


को देश की राजधानी दिल्ली में यह दुखद घटना घटित हुई थी और  पूरा देश निर्भया और उसके परिवार के लिए खड़ा हुआ था इस दिन जब यह घटना घटित हुई थी तब इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और 7 साल लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद यह दोषियों को फांसी दे दी गई है और यह फांसी रोकने के लिए उन दोषियों ने पूरी कोशिश की पर आखिर में उन दोषियों को आज के दिन यानी 20 मार्च को फांसी दी गई।


दोषियों ने फांसी से बचने के लिए क्या-क्या किया था?


फांसी से बचने के लिए निर्भया के दोषियों ने बहुत साजिश रची थी  ही के एडिशनल स्टेटस कोर्ट में केस दाखिल करने से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी चारों ने अरजीया की थी पर उन लोगों की अर्जियां को नकार दिया गया था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट (ICJ) में भी अपना केस दाखिल किया था फिर भी उन लोगों को आज फांसी दे दी गई।


19 मार्च को दिल्ली की तिहाड़ जेल में जो फांसी घर है उसके घर में इन चारों की फांसी रिहसल भी किया गया था। जल्लाद भवन नामक व्यक्ति ने इन लोगों को फांसी दी थी और फांसी देने के वक्त जल्लाद पवन के हाथ कांपने लगे थे। पर इन गैंग रेप और मर्डर के दोषियों को अपने किए पर कुछ भी पछतावा नहीं था।


पवन जल्लाद ने कहा कि पहली बार हुआ होगा कि जब वह एक साथ 4 लोगों को फांसी देंगे और उनको फांसी के बदले 100000 जितनी मोटी रकम भी मिलेंगी और वह इतने पैसे पहली बार देखेंगे 52 साल के जल्लाद ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ना तो एक साथ इतने लोगों को फांसी दी है और ना तो उनको इतनी बड़ी रकम मिली है।


पवन का परिवार पूछते नहीं चल रहा है उनके परदादा लक्ष्मण चलाते दादा कालूराम कुल्लू जल्लाद और पिता मम्मू जल्लाद।


निर्भया के दोषियों ने फांसी के खिलाफ लगाई दया याचिका :


निर्भया के गैंगरेप और हत्या के गुनहगार अक्षय ने मंगलवार शाम को दूसरी बार दया याचिका दाखिल की थी अक्षय ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को संबोधित करते हुए जेल प्रशासन को अपनी दया याचिका सौंपी थी।राष्ट्रपति ने दया याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया और दया याचिका खारिज कर दी थी और अक्षय की पत्नी ने बिहार के औरंगाबाद की अदालत में तलाक की अर्जी भी दाखिल की थी दाखिल की गई अर्जी में अक्षय की पत्नी का कहना था कि वह अक्षय की विधवा बनकर नहीं जी सकती इसलिए उसे तलाक दे दिया जाए जानकारों के मुताबिक निर्भया के दोषियों अक्षय की एक चाल थी फांसी को टालने के लिए पर यह चाल कामयाब नहीं हुई।


DDU हॉस्पिटल में होगा पोस्टमार्टम :


फांसी पर लटकाने के बाद चारों दोषियों से कुमार पवन गुप्ता विनय शर्मा और मुकेश कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भेज दिया गया है। यहां डॉक्टर मिश्रा की अगुवाई में मेडिकल टीम शवों का पोस्टमार्टम करेगी उसके बाद शव को उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा अगर परिवार सब को लेने से मना करता है तो तिहाड़ जेल प्रशासन ही उसका अंतिम संस्कार करेगा।दिल्ली की तिहाड़ जेल में निर्भया के 4 में से 2 दोषियों ने सामान्य रूप से डिनर लिया था वही दो दोषियों ने रात का खाना नहीं खाया था और बौखलाहट में अनाप-शनाप भी बोल रहे थे।

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