क्या होगा दुनिया का अंत ? 

 गई है महाविनाश की तारीख 29 April को हो जाएगा दुनिया का अंत ?

 दरअसल दुनिया पर महाविनाश का खतरा छा गया है। सही में हुआ है कि वैज्ञानिकों के मुताबिक Asteroid अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर तेजी से आ रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक Asteroid की गति 31000 km/h बताई जा रही है और उतनी रफ्तार के साथ Asteroid 29 अप्रैल 2020 को पृथ्वी के पास आ जाएगा और यह महा विनाश का कारण भी हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह Asteroid का कद हिमालय जितना बताया जा रहा है। वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि अगर यह Asteroid धरती से टकरा गया तो यह महाप्रलय का और शायद यह पूरी दुनिया का अंत भी हो जाए।

एक ऐसा ही Asteroid आज से अरबों साल पहले धरती से टकराया था तब डायनासोर युग का अंत हो गया था।और मानव युग का आरंभ हुआ था। आज भी दुनिया में ऐसा ही डर है कि अगर यह Asteroid धरती से टकरा गया तो मानव जाति का अस्तित्व मिट सकता है और नए युग का आरंभ हो सकता है






❋ यह सारी बातों की पुष्टि खुद नासा ने भी की है।

नासा के वैज्ञानिकों का यह कहना है कि Asteroid पृथ्वी के पास से गुजर जाएंगी लेकिन कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि Asteroid पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल की वजह से पृथ्वी की तरफ भी आ सकता है जो पृथ्वी के विनाश का कारण बन सकता है।

इस Asteroid का 52768 (1998 IR2) नाम दिया गया है। उसकी रफ्तार 19000m/h  बताई जा रही 
है।


  • क्या है पूरी बात?


 एक बड़ा सा उल्कापिंड या हमारी पृथ्वी से बिल्कुल नजदीक से गुजरने वाला है वह इतना बड़ा उल्कापिंड है कि उसका आकार एक बड़े से पर्वत जितना बड़ा है।

वॉशिंगटन से यह खबर आई है कि 29 अप्रैल को पृथ्वी के पास से यानी पृथ्वी की बेहद करीब से एक उल्कापिंड गुजरने वाला है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का भी कहना है कि यह उल्कापिंड बेहद करीब से पृथ्वी के बेहद नजदीक से गुजरने वाला है। पर घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह पृथ्वी के करीब से गुजर जाएगा और उसका धरती से टकराने की संभावना बेहद कम है।

आज पूरी दुनिया के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है कोरोना ने पूरी दुनिया का हाल बेहाल कर रखा है। तब यह 29 अप्रैल को उल्का पिंड का धरती के पास से गुजरने की खबर और दहशत देने वाली है सबके मन में यही सवाल है जाने क्या होगा?

इस बीच कई वैज्ञानिकों का कहना है कि यह धरती से नहीं टकराएगा और कई वैज्ञानिकों ऐसा भी कहना है कि वह धरती से टकरा सकता है क्योंकि कई वैज्ञानिकों ने यह आशंका जताई और यह डर जताया कि उल्कापिंड ने थोड़ा सा भी अपना स्थान परिवर्तन किया तो पृथ्वी के अस्तित्व पर बड़ा संकट आ सकता है इस समय भारत और दुनिया के कई देशों ने इस पर नजर बनाए रखे हुए हैं।

अंतरिक्ष के वैज्ञानिकों का यह कहना है कि उल्कापिंड का  100 साल में धरती से टकराने की 50,000 संभावना होती है लेकिन बहुत कम बार ऐसा हुआ है कि इतना बड़ा उल्कापिंड धरती से टकराया हो हालांकि कुछ मीटर व्यास के उल्कापिंड जैसे ही वायुमंडल में आते हैं तो चल जाते हैं। इसकी कुछ छोटे-छोटे टुकड़े ही धरती की सतह पर पहुंचते हैं जिनसे किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता। पर यह उल्कापिंड हर घंटे अपनी रफ्तार बढ़ा रहा है। इसीलिए सब के मन में यह सवाल है कि वह धरती से टकरा गया तो क्या होगा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि कई हजार साल पहले हुआ था कि एक उल्कापिंड धरती से टकराया था तब डायनासोर युग का अंत हुआ था उस वक्त पृथ्वी पर डायनोसोर का राज चल रहा था तब इंसानों का तो कोई अता पता भी नहीं था तब डायनोसोर की कई प्रजातियां पृथ्वी पर मौजूद थी और उसका खौफ्फ़ भी पृथ्वी पर था कई डायनोसोर शांत भी थे और उनमें से कई डायनोसोर ऐसे भी थे जो बहुत खूंखार भी थे और आपस में ही लड़ते रहते थे और अपना वर्चस्व बनाने के लिए एक दूसरे को मार भी देते थे जब बहुत बड़ा उल्कापिंड धरती से टकराया तब डायनासोर युग का खत्म हुआ और हम सब इंसान युग का जन्म हुआ।


और एक नई दुनिया का आरंभ हुआ था और वह हमारी इंसानी दुनिया है और यह दुनिया हमने आज यहां तक बनाई है और हमारे अस्तित्व पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि हम बचेगी या नहीं बचेंगे।पर सबसे ज्यादा यही आशंका जताई जा रही है कि यह उल्कापिंड धरती से नहीं टकराएगा और हमें घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। पर जो होगा वह हम 29 अप्रैल को देखेंगे।

29 अप्रैल आके चला भी गया है और हम और आप सब भी सुरक्षित हैं। यानी कि यह वह उलकाशिला नहीं थी जिससे धरती को नुकसान पहुंचे और पृथ्वी का विनाश हो  कहा जा रहा है कि अब 2079 में एक और विशालकाय Asteroid आने वाला है।

और यह भी कहा जा रहा है कि पृथ्वी पर अपना अस्तित्व टीकना भी मुश्किल हो सकता है। पर शायद यह भी हो सकता है कि इस बार की तरह कोई नुकसान भी ना हो।


इसी तरह पृथ्वी पर कुछ कुछ सालों के अंतर के बाद ऐसे Asteroid आते रहते हैं उनमें से कई का आकार बेहद बड़ा होता है और उसमें से कई कई का आकार छोटा भी होता है।

सारी दुनिया यह बात से डर रही थी कि 29 अप्रैल को Asteroid पृथ्वी से टकराने वाला है और पृथ्वी का विनाश होने वाला है। पर ऐसा कुछ तो हुआ नहीं पर बुधवार को एक Asteroid पृथ्वी के बिल्कुल ऊपर से गुजर गया।

बुधवार को एक Asteroid वैज्ञानिकों को चकमा दे गया और यह Asteroid बिल्कुल पृथ्वी के ऊपर से जाता दिखाई दे रहा था पृथ्वी के ऊपर से जब वह गया तब वैज्ञानिकों को पता चला कि यह Asteroid पृथ्वी के ऊपर से जा रहा है।

क्या है पूरी बात?
अंतरिक्ष में लगातार निगरानी करने वाले दुनिया भर के वैज्ञानिक इस समय चकमा खा गए जब वैन के आकार का एक खतरनाक एस्ट्रोनॉयड 2020 JJ  पृथ्वी के बेहद करीब करीब से गुजर गया।

Asteroid पृथ्वी के 9000 मील के दायरे में आ गया था यह पृथ्वी के सबसे करीब से गुजरने वाले Asteroid मैं से एक है यह Asteroid कि अचानक सूचना मिली तब सारे वैज्ञानिक डर गए थे। 


यह अपनी छोटी आकार की वजह से टेलिस्कोप की पकड़ में नहीं आया। जब यह सीधे पृथ्वी के ऊपर से गुजर गया तब वैज्ञानिक को इसके बारे में पता चला यह छठा Asteroid है जो पृथ्वी के बेहद पास से गुजरा है।

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